अति वर्षा से फसल हानि: उज्जैन में कांग्रेस ने किसानों के मुद्दे पर किया सड़क प्रदर्शन, जोरदार रैली कर मुआवजे की मांग को बनाया हाइलाइट; महेश परमार ने कहा- प्रदेश के किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं होगा

उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:

अति वृष्टि के कारण जिले के किसानों को हुई भारी फसल हानि के खिलाफ सोमवार को जिला शहर कांग्रेस कमेटी ने कलेक्टर कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन की अगुआई करते हुए कांग्रेस विधायक महेश परमार ने किसानों को जल्द मुआवजा दिए जाने की मांग दोहराई और कहा कि प्रदेश में किसानों की स्थिति गंभीर होती जा रही है।

दोपहर लगभग 12:30 बजे कोठी रोड स्थित एनसीसी कार्यालय के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बड़ी रैली जमा हुई। इस रैली में शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी, महिदपुर विधायक दिनेश जैन बोस, और कई अन्य कांग्रेस नेता शामिल थे। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता किसानों के समर्थन में नारे लगाते हुए कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़े।

कांग्रेसियों ने किसानों की समस्याओं को लेकर संकुल भवन का घेराव किया। इस दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को अति वर्षा से प्रभावित किसानों को राहत राशि और मुआवजा जल्द देना चाहिए, ताकि किसान आर्थिक संकट से बाहर आ सकें।

कलेक्टर कार्यालय में प्रवेश करने से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संकुल भवन के मुख्य द्वार पर भारी पुलिस बल द्वारा रोका गया। सुरक्षा व्यवस्था के तहत भवन के बाहर बेरीकेडिंग की गई थी, जिससे कांग्रेसी अंदर नहीं जा सके। इस कारण प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठकर अपनी मांगें रखीं और किसानों के मुद्दों को जनसमूह के सामने रखा।

कांग्रेस नेताओं और किसानों ने अपनी बात क्रमवार रखी। कुछ किसानों ने भी इस दौरान अपनी पीड़ा साझा की और मांग की कि सरकार फसल नुकसान का उचित मुआवजा दे।

विधायक महेश परमार की अपील

विधायक महेश परमार ने इस मौके पर कहा, “हमारा मकसद राजनीति करना नहीं है, हमारा मकसद किसानों के हक की आवाज उठाना है। लगातार आत्महत्या कर रहे किसानों की मदद करना सरकार की जिम्मेदारी है। प्रदेश भर के किसानों को जल्द से जल्द राहत राशि उपलब्ध कराना चाहिए।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ उज्जैन के किसानों का मुद्दा नहीं है बल्कि पूरे प्रदेश के किसानों के साथ हो रही अन्याय की समस्या है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

पिछले कुछ महीनों में मध्यप्रदेश के कई जिलों में अतिवृष्टि से फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। उज्जैन जिले के कई क्षेत्रों में धान, मक्का, सोयाबीन और अन्य प्रमुख फसलें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। किसान इस नुकसान के बाद आर्थिक रूप से दबाव में हैं और सरकार से तत्काल मुआवजे की उम्मीद कर रहे हैं।

इस प्रदर्शन ने एक बार फिर किसानों की मुश्किलों और उनके अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की है। सवाल यह है कि क्या सरकार इस मांग को गंभीरता से लेते हुए किसानों को जल्द राहत राशि मुहैया कराएगी।